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मीरा कुमार का राजनीति में प्रवेश 1985 में हुआ। अपनी पहली ही पारी में ही इन्होंने दो दिग्गज दलित नेताओं रामविलास पासवान तथा मायावती को बिजनौर के चुनाव में हराया। |
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-भारत की पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का जन्म 31 मार्च 1945 को बिहार के भोजपुर जिले के चंदवा में हुआ। पिता बाबू जगजीवन राम प्रसिद्ध दलित नेता तथा भूतपूर्व उप-प्रधानमंत्री थे। माता इंद्राणी देवी प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी रही।
इनकी शिक्षा-दीक्षा इन्द्रप्रस्थ कालेज तथा दिल्ली विश्वविधालय के मिराण्डा हाउस से हुई। जहां से इन्होंने एम. ए. , एल. एल. बी. की शिक्षा ग्रहण की।
1973 में भारतीय विदेश सेवा में नियुक्त हुई। इस सिलसिले में इन्होंने स्पेन, यूनाईटेड किंगडम तथा मारीशस के दूतावास में अपनी सेवायें प्रदान की। इन्होंने भारत-मारीशस के संयुक्त कमीशन में एक सदस्य के रूप में भी कार्य किया।
भारतीय विदेश सेवा के अंतर्गत इन्होंने मैट्रिड के दूतावास में 1976 से 1977 तक कार्य किया। 1977 से 1978 तक लंदन में भारत की हाई कमीशन के पद पर कार्यरत रही। 1980 से 1985 तक बाहरी मामलों के मंत्रालय का कार्य भी संभाला।
1985 में पहली बार आठवीं लोकसभा के लिए उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर बिजनौर से चुनाव लड़ा और सांसद बनीं। इसके बाद दिल्ली के करोलबाग लोकसभा सीट से ग्यारहवीं और बारहवीं लोकसभा के लिए चुनी गयीं। चौदहवीं और पंद्रहवीं लोकसभा के लिए वे बिहार के सासाराम लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनकर लगातार संसद पहुंची।
चौदहवीं लोकसभा के दौरान वे कांग्रेस गठबंधन की सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री के रूप में काम कर रही थीं। वे दो बार कांग्रेस वर्किंग कमेटी की सदस्य रह चुकी हैं और दो बार कांग्रेस की महासचिव। पहली बार 1990 से 92 और दूसरी और 1996 से 1998। सन् 2004 तथा 2009 में अपने पिता के संसदीय क्षेत्र सासाराम से भारी बहुमत के साथ लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुई। इसी समय इन्होंने कांग्रेस सरकार में सामाजिक न्याय तथा अधिकार मंत्रालय में कार्यरत रही।
राजनीति के अलावा मीरा कुमार की प्रमुख रूचि सामाजिक उत्थान के कार्यों और गैर राजनीतिक आंदोलनों में भी है। 1990 में उन्होंने खुद से पहल करके उन्होंने आल इंडिया समता आंदोलन की स्थापना की। 1967 में जब भयानक अकाल पड़ा था तो मीरा कुमार ने राष्ट्रीय अकाल राहत कमेटी के अध्यक्ष के बतौर उन्होंने काम किया था।
मीरा कुमार का विवाह सुप्रीम कोर्ट के एक वकील मंजुल कुमार से हुआ। इनकी तीन संताने है- अंशुल, स्वाति तथा देवांगना।
मीरा कुमार एक बेहतरीन खिलीड़ी भी रह चुकी हैं। राइफल-शूटिंग में इन्होंने पदक भी प्राप्त किया है। वह एक अच्छी कवियत्री भी हैं।

























